Monday, August 30, 2010

**Ab Bhi Teri Aahat Per**



Zakhm Muskurate Hen Ab Bhi Teri Aahat Per
Dard Bhool Jate Hen Ab Bhi Teri Aahat Per

Shabnami Sitaroon Per Phool Khilne Lagte Hen
Chand Muskurate Hen Ab Bhi Teri Aahat Per

Umar Kat Di Lakin Bachpana Nai Jata
Hum Diye Jalate Hen Ab Bhi Teri Aahat Per

Teri Yaad Aaye To Neend Jati Rahti Hai
Hum Khushi Manate Hen Ab Bhi Teri Aahat Per

Ab Bhi Teri Aahat Per Chand Muskurata Hai
Khwab Gungunate Hen Ab Bhi Teri Aahat Per

Tere Hijr Me Hum Per Ik Aazab Taari hai
Chonk Chonk Jate Hen Ab Bhi Teri Aahat Per

Ab Bhi Teri Aahat Per Aass Lout Aati Hai
Ashq Hum Bahate Hen Ab Bhi Teri Aahat Per.

Tuesday, August 24, 2010

क्या है सच्चा प्यार ? आओ सुनो एक कहानी

एक चिडिया को एक सफ़ेद गुलाब से प्यार हो गया , उसने गुलाब को प्रपोस किया ,
गुलाब ने जवाब दिया की जिस दिन मै लाल हो जाऊंगा उस दिन मै तुमसे प्यार करूँगा ,
जवाब सुनके चिडिया गुलाब के आस पास काँटों में लोटने लगी और उसके खून से गुलाब लाल हो गया,
ये देखके गुलाब ने भी उससे कहा की वो उससे प्यार करता है पर तब तक चिडिया मर चुकी थी


इसीलिए कहा गया है की सच्चे प्यार का कभी भी इम्तहान नहीं लेना चाहिए,
क्यूंकि सच्चा प्यार कभी इम्तहान का मोहताज नहीं होता है ,
ये वो फलसफा; है जो आँखों से बया होता है ,

ये जरूरी नहीं की तुम जिसे प्यार करो वो तुम्हे प्यार दे ,
बल्कि जरूरी ये है की जो तुम्हे प्यार करे तुम उसे जी भर कर प्यार दो,
फिर देखो ये दुनिया जन्नत सी लगेगी
प्यार खुदा की ही बन्दगी है ,खुदा भी प्यार करने वालो के साथ रहता है,

प्यार क्या है

प्यार के एक पल ने जन्नत को दिखा दिया प्यार के उसी पल ने मुझे ता -उमर रुला दिया एक नूर की बूँद की तरह पिया हमने उस पल को एक उसी पल ने हमे खुदा के क़रीब ला दिया !!

जिधर जाते हैं सब ,उधर जाना अच्छा नही लगता... मुझे फरमान रास्तों का सफर अच्छा नही लगता


प्यार क्या है, एक राही की मंज़िल.......
एक बंज़र जमी पर, अमृत की प्यास......
पारस पत्थर को ढुँढ़नें की खोज.......
ना पूरा होने वाला एक सुंदर सपना.....
जैसे की बड़ा मुश्किल हो कोई मिलना....
खो के फिर ना पाया हो कहीं पाया .......
मिल के भी,जो ना हुआ हो अपना........

प्यार है इक एहसास...
दिल की धड़कनी को छूता राग...
या है पागल वसंती हवा कोई...
या है दिल में झिलमिल करती आशा कोई...
या प्यार है एक सुविधा से जीने की ललक...
जो देती है थके तन और मन को एक मुक्त गगन...

सच्चा प्रेम कभी प्रति-प्रेम नहीं चाहता।' कबीरदास

'पुरुष, प्यार अक्सर और थोड़ा करता है, किंतु स्त्री, प्यार सौभाग्य से और स्थाई करती है।'आचार्य रजनीश 'ओशो'

'जिस प्यार में प्यार करने की कोई हद नहीं होती और किसी तरह का पछतावा भी नहीं होता, वही उसका सच्चा रूप है।'
मीर तकी मीर

'प्यार एक भूत की तरह है, जिसके बारे में बातें तो सभी करते हैं, पर इसके दर्शन बहुत कम लोगों को हुए हैं।'
सिकंदर

'प्रेम कभी दावा नहीं करता, वह हमेशा देता है। प्रेम हमेशा कष्ट सहता है, न कभी झुंझलाता है और न ही कभी बदला लेता है।'
महात्मा गाँधी

'खूब किया मैंने दुनिया से प्रेम और मुझसे दुनिया ने, तभी तो मेरी मुस्कुराहट उसके होठों पर थी और उसके सभी आँसू मेरी आँखों में।' खलील जिब्रान

'प्रेम आँखों से नहीं ह्रदय से देखता है, इसीलिए प्रेम को अंधा कहा गया है।' शेक्सपीयर

'प्रेम के स्पर्श से हर कोई कवि बन जाता है।' अफलातून

'जहाँ प्रेम है, वहीं जीवन का सही रूप है।' अरस्तु

'प्यार आत्मा की खुराक है।' कंफ्यूशियस

'प्यार समर्पण और जिम्मेदारी का दूसरा नाम है।' बेकन

'जीवन में प्रेम का वही महत्व है जो फूल में खुशबू का होता है।' जॉर्ज बनार्ड शॉ

"प्यार " एक ऐसा एहसास

मेरे बोलों को तुम अपनी रवानी दे दो !!!
कुछ तो कहेगा दिल ये गर तलब इसे हुई,
ये बात और है कि तुम सुनो या ना सुनो,
मस्ती फिजां की देख के बहकेगा दिल ज़ुरूर,
बहके हुए इस दिल को तुम चुनो या ना चुनो!!

न मैं तुमसे कोई उम्मीद रखूँ दिल नवाज़ी की,
न तुम मेरी तरफ़ देखो ग़लत अंदाज़ नज़रों से,
न मेरे दिल की धड़कन लड़खड़ाये मेरी बातों में,
न ज़ाहिर हो तुम्हारी कशमकश का राज़ नज़रों से!!!

"प्यार " एक ऐसा एहसास, एक ऐसी भावना जिसका सिर्फ़ जिक्र किया जाए तो ये सारी जिंदगी कम है। प्यार ऐसी भावना जिसके नाम हम अपनी हर एक साँस भी लिख दे तो वो भी कम है। परंतु सबसे ज्यादा समस्या भी प्यार में उत्पन्न होती है। सबसे ज्यादा दिल भी प्यार में ही टूटते हैं। हम किसी से दिलोजान से प्यार करते हों वो हमें अचानक छोड़ दे, तो ऐसी स्थिति में जिन्दगी बेमानी लगने लगती है।"


माना कि बाहों में हो फूल सदा ,
ये जरूरी तो नही ।
काँटों का दर्द भी ,
कभी तो सहना होगा।
राहों में छाव हो सदा,
ये जरूरी तो नहीं।
धुप की चुभन में,
कभी तो रहना होगा ।
हंसी खिलती रहे सदा ,
ये जरूरी तो नहीं।
पलकों पर जमे अश्को को,
कभी तो बहना होगा।
हर पल रहे खुशनुमा सदा,
ये जरूरी तो नहीं,
थम सी गयी है जिन्दगी,
कभी तो कहना होगा।
पर तुम्हें खुश रहने की कोशिश तो करना होगा |

Monday, August 23, 2010

Kuch Likhna Chahata Hoon

Kuch Likhna Chahata Hoon
Sochta Hoon Kya Likhoon ?

Pholoon Ki Woh Mehakti Khushboo
Barish Ka Woh Bhega Pani
Aur Hawa Mein Thi Jo Rawani
Kya Uss Mousam Ka Khumaar Likhoon?

Kuch Likhna Chahata Hoon
Sochta Hoon Kya Likhoon?

Thi Chehrey Par Unkey Masomiyat
Aankhoon Mein Thi Thori Shararat
Aur Baatoon Mein Woh Nazakat
Kya Unka Rangeen Mizaaj Likhoon?

Kuch Likhna chahata Hoon
Sochta Hoon Kya Likhoon?

Unka Aaker Muskurana
Jo Rooth Jaon To Manana
Jate Jate Phir Rulana
Kya Unka Yeh Andaaz Likhoon?

Kuch Likhna Chahata Hoon
Sochta Hoon Kya Likhoon?

Yaadoon Mein Unkey Ashk Bahana
Her Shaam Ek Diya Jalana
Soi Umeed Ko Roz Jagana
Kya Unka Yeh Intezar Likhoon?

Kuch Likhna Chahata Hoon
Sochta Hoon Kya Likhon?